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ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग.यह कैसे कार्य करता है\ भाग 1.

ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग तकनीक से किसे लाभ मिलता है ? शिक्षण संस्थानों और कम्पनियों के लिए दूरस्थ शिक्षा प्रणाली को विकसित करने वालों में से प्रत्येक को, साथ ही साथ सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के मानव संसाधन प्रबन्धकोंsa और कर्मचारियों को इसका लाभ मिलता

इस लेख की मुख्य विषय-वस्तु:

ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग प्लेटफार्म की संरचना और संaचालन तथा ऑनलाइन परीक्षा के प्रमुख चरण
ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग सिस्टम के मोड

हम विस्तार में जाने की कोशिश नहीं करेंगे अन्यथा एक मोटी पुस्तक तैयार हो जाएगी। पर हम आपके सामने ऑनलाइन एग्ज़ाम सिस्टम सॉफ्टवेयर के पूरे स्वरूप को रखने का प्रयत्न करेंगे।

ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग सिस्टम की संरचना और संचालन , ऑनलाइन परीक्षा के प्रमुख चरण

ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग एक्सटेंशन ब्राउज़र से काम करता है, किसी अतिरिक्त इंस्टॉलेशन की आवश्यकता नहीं होती है। इस सेवा को परीक्षण प्रणाली – एलएमएस (LMS) (लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम) में समेकित किया गया है।एग्ज़ाम अस ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग सेवा को एसएएएस (SaaS) (सॉफ्टवेयर ऐज़ अ सर्विस) के रूप में प्रस्तुत किया जाता है जब कि बुनियादी ढांचे को क्लाउड सेवाओं में संग्रहीत रखा जाता है।. छात्रों को कम्प्यूटर में कुछ भी इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होती। वे मात्र ब्राउज़र खोलें, निर्दिष्ट लिंक पर जाएं और सिस्टम सत्यापन तथा पहचान सत्यापन हो जाने के बाद परीक्षा देना आरम्भ कर देंsa।

महत्वपूर्ण निर्णय : विद्यार्थी कम्प्यूटर का प्रयोग करें या फोन का ? हमारा अनुभव बताता है कि मात्र डेस्कटॉप प्रारूप ही विश्वसनीय परिणाम देता है ,इसीलिए हम अपने ग्राहकों के लिए इसी के प्रयोग पर जोर देते हैं। मोबाइल का उपयोग करने वाले को मोबाइल प्रारूप सिस्टम एक्सप्लॉएट करने के अनेक अवसर देता है। हालांकि हम जानते हैं कि कुछ मामलों में कम्प्यूटर के प्रयोग का रत्ती भर भी मौका नहीं होता , जैसे दूरस्थ संयंत्र में या कारखाने में नियुक्त क्षेत्र-कार्यकर्ता के लिए । हम निम्नलिखित लेखों में से एक में सिस्टम के मोबाइल प्रारूप की सभी विशेषताओं का वर्णन करेंगे।

प्रॉक्टरिंग सिस्टम कैमरा और माइक्रोफोन को ऐक्सेस करने और उनकी कार्यविधि तथा साथ ही साथ इंटरनेट कनेक्शन की स्थिरता, दूसरे स्क्रीन की उपस्थिति , तथा स्क्रीन के सिमुलेशन या अनुकरण के सभी प्रयासों के परीक्षण की मांग करता है । यदि सिस्टम सभी परीक्षणों में सफल रहता है तो इसके बाद छात्र को पहचान प्रक्रिया पास करनी रहती है अर्थात् अपनी फोटो खींच कर पहचान दस्तावेज़ (यह ड्राइविंग लाइसेंस, छात्र का पहचान पत्र या क्रेडिटकार्ड हो सकता है) के साथ उसे भेजना रहता है ।

उसके बाद छात्र परीक्षा देना आरम्भ कर सकता है । परीक्षा के दौरान ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग प्रणाली तीन स्रोतों से सूचना एकत्र करती हैः
· कैमरा
· माइक्रोफोन
· डेस्कटॉप

परीक्षा समाप्त हो जाने के बाद ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग प्रणाली सभी स्रोतों से सूचना को एकत्र करके एक संयुक्त रिकॉर्ड में उनको संघटित करती है ।

ऑनलाइन एक्ज़ाम प्रॉक्टरिंग सॉफ़्टवेयर परीक्षा के दौरान कम्प्यूटिंग पर्यावरण में व्यक्ति की शारीरिक क्रियाओं और उनके कार्यों का विश्लेषण करता है। प्रणाली लचीली है, इसलिए प्रत्येक परीक्षा के नियमों को इसमें समायोजित किया जा सकता है। कुछ मामलों में छात्र कैलकुलेटर का प्रयोग कर सकता है, जबकि दूसरे मामलों में कागज और कलम की जरूरत पड़ सकती है।

परीक्षा के दौरान, सिस्टम स्वचालित रूप से निम्न प्रकार के उल्लंघनों का पता लगा लेता है:
· निगाह की दिशा का बदलना अर्थात् उपयोगकर्ता कहीं और देख रहा हो;
· चेहरे का फ्रेम में न होना अर्थात् यदि उपयोगकर्ता कैमरे की नजर में नहीं है या चेहरा ठीक से दिखाई नहीं पड़ रहा है।
· फ्रेम में अन्य चेहरों की उपस्थिति, दीवार से महान लोगों के चित्रों को हटाने की भी संस्तुति की जाती है क्योंकि उनकी पहचान परीक्षा नियमों के उल्लंघनकर्ता के रूप में आप से आप हो जाती है।
· छात्र के बदले fdlh vkSj dh mifLFkfr अर्थात् फ्रेम में वह व्यक्ति न हो जिसे परीक्षा देनी है ।
· फ्रेम में किसी भी मानवीय आवाज़ की उपस्थिति, भले ही वह छात्र की ही आवाज़ क्यों न हो (जैसे छात्र कमरे में उपस्थित किसी अन्य के लिए प्रश्न को पढ़े)।
· डेस्कटॉप पर विंडो या टैब का परिवर्तन अथात् यदि उपयोगकर्ता टेस्ट विंडो से सर्च विंडो पर जाता है या थर्ड पार्टी ऐप्लीकेशन को खोलता है।

ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग मोड में जब किसी व्यक्ति द्वारा पूरी प्रक्रिया को नियंत्रित किया जाता है और उसका निरीक्षण किया जाता है तो उल्लंघन की संख्या बढ़ जाती है, कारण वह व्यक्ति अप्रत्यक्ष संकेतों द्वारा उल्लंघन की सूचना दे देता है।

निम्नलिखित अतिरिक्त उल्लंघन पंजीकृत किए गए हैं:
· फोन, टैबलेट और अन्य गैजेट्स और उपकरणों का उपयोग।
· टीम व्यूअर,स्काईपे , रिमोट ऐडमिन और अन्य डेस्कटॉप प्रसारण सॉफ्टवेयर का उपयोग।
· परीक्षा पास करने के लिए तीसरे पक्ष द्वारा वर्चुअल मशीन और थिन क्लाएंट्स का उपयोग।
· पुस्तक,नोट और ड्राफ्ट का प्रयोग।
· कैलकुलेटर का प्रयोग (यदि प्रतिबन्धित है) ।
· गैर-मौखिक संचार के सभी रूप (पलक झपकाना, हाथ की गति, सर हिलाना इत्यादि) ।

एग्ज़ाम अस खुद ब खुद सभी सम्भावित नियमों के उल्लंघन को चिह्नित कर लेता है और उसे रिपोर्ट में जोड़ लेता है। प्रत्येक उल्लंघन की प्रविष्टि में उल्लंघन के प्रकार की भी सूचना रहती है जैसे स्क्रीन से आँखों को हटाना या विंडों को बदलना और टाइमस्टैम्प ।

परीक्षा के परिणामों के आधार पर ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग सिस्टम परीक्षा के दौरान उल्लंघन की समग्र संभावनाओं की गणना करता है : ग्रीन ज़ोन का अर्थ है कम संभावना, पीला - मध्यम और लाल-उच्च। दूसरे शब्दों में एग्ज़ाम अस तुरन्त निर्धारित कर सकता है कि पहले किसे प्रतिबन्धित करना है।

इसका अर्थ है कि परीक्षा के परिणामों के आधार पर, हम प्रत्येक छात्र के लिए निम्नलिखित कार्य कर सकते हैं :
· कैमरा, माइक्रोफ़ोन और डेस्कटॉप से ​​रिकॉर्डिंग को देखें और सुनें;
· कालक्रमानुसार सभी उल्लंघनों को देखें।
· किसी भी उल्लंघन पर क्लिक करके रिकॉर्ड देखा जा सकता है कि उस क्षण विशेष में क्या हो रहा था।

ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग के प्रकार

स्वचालित प्रॉक्टरिंग: सब कुछ मानव प्रॉक्टर के बिना एआई प्रॉक्टर द्वारा किया जाता हैA इस मोड का स्पष्ट लाभ यह है कि कुल मिला कर परीक्षा की लागत कम हो जाती है। हालांकि बहुत सी स्थितियों में मनुष्य की सहभागिता सामान्य रूप से अपरिवर्तनीय रहती है।
● यदि किसी व्यक्ति की किस्मत किसी परीक्षा के परिणाम पर निर्भर है, तो हम निर्णय को मशीन पर नहीं छोड़ सकते।
● यहां तक ​​कि सबसे सटीक स्वचालन प्रणाली कुछ अस्पष्ट उल्लंघनों को ट्रैक नहीं कर पाती है।
● साथ ही साथ स्वचालन अति संवेदनशील होता है और कोई भी यह नहीं बता सकता कि कमरे में वह अजनवी वास्तव में मां थी जो संयोग से वहां आ गई थी और कुछ ही सेकेण्डों में वहां से चली जाएगी।
● ऐसे कई मामले हैं जब परीक्षा प्रक्रिया के सभी चरणों को किसी व्यक्ति द्वारा नियंत्रित करने की आवश्यकता पड़ती है , जैसे परीक्षा हॉल में प्रवेश देने से पहले किसी पूर्वनिर्धारित प्रोटोकॉल का उपयोग करते हुए छात्र को आगे भेजने की प्रक्रिया ।
● प्रॉक्टरिंग सिस्टम का ऑपरेटर यह सुनिश्चित कर सकता है कि छात्र किसी विशेष परीक्षा के लिए किसी विशेष प्रक्रिया का पालन कर रहा है। जैसे कुछ मामलों में छात्रों को निश्चित रूप से यह दिखाना रहता है कि उसकी हथेलियां संकेतों और उत्तरों से भरी हुई नहीं हैं जबकि दूसरी किसी परीक्षा के बाद उन्हें ड्रफ्ट को छोटे.छोटे टुकड़ों में फाड़ देना रहता है ।

इसलिए, स्वचालित एआई प्रॉक्टरिंग के अलावा, मनुष्य की भागीदारी के 3 मोड और भी हैं:
1. अतुल्यकालिक मोड : इसमें एक ऑपरेटर परीक्षा के बाद रिकॉर्डिंग की समीक्षा करता है ।
2. तुल्यकालिक मोड: इसमें प्रॉक्टरिंग सिस्टम के एक ऑपरेटर द्वारा परीक्षा प्रक्रिया की रिमोट ऑनलाइन निगरानी और उसका नियंत्रण किया जाता है ।
3. पहचान मोड: इसमें ऑपरेटर मात्र परीक्षा में प्रवेश करने से पहले छात्र के पहचान की पुष्टि करता है ।

ऑपरेटरों के साथ कार्य करने के लिए प्रत्येक मोड का अपना इंटरफ़ेस और कार्यप्रणाली होती है जिसका विस्तृत वर्णन हम आगे के लेखों में करेंगे।

हमें आशा है कि आपको यह समझ में आ गया होगा कि ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग सिस्टम सामान्य रूप से कैसे कार्य करता है। अगले लेख में हम ऑनलाइन परीक्षा के लिए प्रॉक्टरिंग सॉल्यूशन के पीछे की तकनीकों की चर्चा करेंगे।

Examus team

May 28, 2020.
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